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Sunday, November 24, 2019

वोटर्स को पोलिंग बूथ तक पहुंचाएगा स्नैपचैट

November 24, 2019 0

दोस्तों स्नैपचैट लाया है एक नया फीचर जो 
वोटर्स को आसानी से पोलिंग बूथ तक पहुंचायेगा ।


स्नैपचैट ने लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते
हुए नए फीचर्स जोड़े हैं। इसमें फिल्टर,
स्टिकर्स, बिटमोजी और लेंस कैसे क्रिएटिव
टूल्स शामिल हैं। इसके अलावा, स्नैपचैट की
टीम भारतीय यूजर्स को चुनावों के लिए रिमाइंडर
स्नैप' मैसेज भी भेजेगी और साथ ही चुनाव की तारीख और अन्य
जरूरी सूचनाओं की जानकारी में उनकी मदद के लिए लिंक भी
| भेजेगी। यह लिंक यूजर्स को इलेक्ट्रोरल कमीशन ऑफ इंडिया
के पेज पर लेकर जाएगा, जहां यूजर्स चुनाव से संबंधित सभी
.जानकारियां ले सकते हैं। स्नैप मैसेज' में चुनाव से संबंधित स्नैप
मैप का इंटीग्रेशन भी होगा। इसमें एक रेडी लिंक भी होगा, जो
यूजर्स को सीधा पोलिंग बूथ तक का रास्ता दिखाएगा।


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Tuesday, April 16, 2019

मोबाइल की है लत, तो ऐसे करें कंट्रोल

April 16, 2019 0

इन टूल्स की मदद से मोबाइल की लत को कंट्रोल करना होगा आसान 


मोबाइल की है लत, तो ऐसे करें कंट्रोल


आजकल ऐसे लोगों की कमी नहीं है, जिन्हें एक तरह से मोबाइल की लत लग चुकी है। मोबाइल पर कोई मैसेज या कॉल आए या न आए, लेकिन वह हर दूसरे मिनट में मोबाइल फोन को खोल कर जरूर देखते हैं। अगर आपको भी लगता है कि बहुत ज्यादा स्मार्टफोन का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो इन टूल्स का इस्तेमाल करें। ये स्मार्टफोन के इस्तेमाल को कंट्रोल करने में आपकी मदद करंगे..

म्यूट स्क्रीन टाइम ट्रैकर : 

अगर आप बिना वजह बहुत ज्यादा मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं, तो यह एप्लिकेशन मोबाइल के इस्तेमाल को
कंट्रोल करने में आपकी मदद करेगा। यह यूजर की मोटिवेट करता है कि फोन का कम से कम इस्तेमाल करें। इसके लिए इसमें स्क्रीन टाइम फीचर है, जिसकी मदद से मोबाइल पर बिताए जाने वाले अपने समय को कंट्रोल कर सकते हैं।आप घर: पर हों या फिर ऑफिस में, यह आपके द्वारा फोन के इस्तेमाल को हमेशा ट्रैक करता है। इससे फोन के लगातार इस्तेमाल से ब्रेक लेने में सहूलियत होगी। साथ ही, डेली और वीकली डाटा के जरिए देख सकते हैं कि फोन पर आप कितना समय बिताते हैं। यह एप आइओएस यूजर्स के लिए है।


मोमेंट : 


मोमेंट यानी लेस फोन, मोर रियल लाइफ यानी इस एप्लिकेशन का उद्देश्य है कि यूजर फोन की बजाय रियल लाइफ को ज्यादा एंज्वॉय करे। अगर आपको फोन की लत है, तो आप न सिर्फ खुद की, बल्कि फैमिली लाइफ
को भी कहीं न कहीं नुकसान पहुंचाते हैं। दिन में कितनी देर स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हैं, यह उसे ऑटेमैटिकली ट्रैक करता रहता है। अगर तय समय से ज्यादा देर फोन का इस्तेमाल करते हैं, तो यह आपको
एलर्ट करता है। साथ ही, यह डिवाइस के इस्तेमाल को सीमित करने के लिए भी फोर्स करता है। इसकी मदद से,अपनी फैमिली के स्क्रीन टाइम को भी मैनेज कर सकते हैं। इसमें फोन की लत को छोड़ने के लिए हर दिन छोटे छोटे एक्सरसाइज भी दिए जाते हैं, जो उपयोगी साबित हो सकते हैं। कंपनी का दावा है कि दुनियाभर में उसके 70 लाख से अधिक यूजर्स हैं। इसे एंड्रॉयड और आईओएस डिवाइस के लिए डाउनलोड किया जा सकता है।


फॉरेस्ट : 

अगर आपको फोन के अलावा, इंटरनेट सफर की भी लत है, तो फिर इस ऐप्लिकेशन का इस्तेमाल करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। इसमें फोन एडिक्शन को दूर करने के लिए अनोखा तरीका अपना गया है। इंस्टॉल करने के बाद जैसे ही आप एप को ओपन करते हैं, इसमें स्क्रीन पर एक वर्जुअल प्लांट उगना शुरू होता है। यह प्लांट धीरे-धीरे बढ़ता है, लेकिन जैसे ही आप एप से हटकर इंटरनेट ब्राउज़र या फिर कोई दूसरा ऐप्स खोलने की कोशिश करेंगे, यह आपको एलर्ट करता है कि आपके इस प्रयास से आपका र्जुअल प्लांट
सूख या फिर मर सकता है। इस तरह यह यूजर को फोन से दूरी बनाए रखने के लिए प्रेरित करता है। यह एंड्रॉयड, आईओएस के साथ क्रोम ब्राउजर को भी सपोर्ट करता है।
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एपल लाया नेटफ्लिक्स की तरह वीडियो स्ट्रीमिंग सर्विस

April 16, 2019 0

एपल लाया नेटफ्लिक्स तरहवीडियो स्ट्रीमिंग सर्विस


टेक्नोलॉजी कंपनी एप्पल ने तीन नए सब्सक्रिप्शन सर्विस को लॉन्च किया है। इसमें नेटफ्लिक्स को टक्कर देने के लिए एपल टीवी प्लस के साथ ही कंपनी ने मैगजीन और न्यूजपेपर्स के लिए सब्सक्रिप्शन प्लान पेश किया है। इसके अलावा, मोबाइल और दूसरे डिवाइस के लिए गेम सब्सक्रिप्शन एपल आकेड को भी पेश किया।

एपल टीवी प्लस :


एपल की ऑनलाइन वीडियो स्ट्रीमिंग सर्विस एपल टीवी प्लस एप जल्द ही सब्सक्रिप्शन के लिए उपलब्ध होने की उम्मीद है। इसके जरिए यूजर अपने पसंदीदा शो ये स्पोर्ट्स इवेंट्स को एक्सेस कर सकेंगे। इसके अलावा, एपल टीवी चैनल फीचर को भी इस एप के साथ जोड़ा जाएगा। एपल टीवी प्लस यूजर्स जब किसी चैनल को सब्सक्राइब करेंगे, तो वे उस चैनल के किसी भी शो को अपने ऐप के जरिए एक्सेस कर सकेंगे। इसमें यूजर एपल द्वारा प्रोड्यूस किए हुए ओरिजिनल वीडियो कंटेंट को भी एक्सेस कर सकेंगे। इसके लिए ऐपल ने 34 अन्य टीवी एवं मूवी प्रोडक्शन के साथ साझेदारी की है। इस कंपनी के सभी डिवाइस, जैसे-आईफोन, आईपैड और एप्पल टीवी सेट-टॉप बॉक्स के अलावा मैक कंप्यूटर पर भी एक्सेस किया जा सकेगा।

एपल न्यूज़ प्लस : 

कंपनी ने एप्पल न्यूज प्लस एप को भी लॉन्च किया गया, जिसके लिए यूजर से मंथली भुगतान करना होगा। इसमें यूजर्स को नए और पुराने मैगजीन इश्यू का एक्सेस मिलेगा। इसमें कंपनी ने कुछ मैगजीन को भी शोकेस किया, जिसमें वायर्ड, पॉपुलर साइंस, नेशनल ज्योग्राफिक और एसेंस शामिल हैं। साथ ही, यूजर्स को लॉस एंजिल्स टाइम्स, वॉल स्ट्रीट जर्नल आदि के भी कंटेंट मिलेंगे। यूजर्स को 300 से ज्यादा मैगजीन का सब्सक्रिप्शन दिया जाएगा।

एपल कार्ड : 

एपल ने गोल्डमैन सैक्स और मास्टरकार्ड के साथ मिलकर क्रेडिट कार्ड लॉन्च किया है। यह टाइटेनियम से बना है। कार्ड यूजर्स अपने आईफोन वॉलेट एप के जरिए यह भी पता लगा सकेंगे कि कितनी राशि  खर्च की गई है और कितना भुगतान करना है। यह आपके खर्च की गई राशि का पूरा ब्यौरा देगा, जिसमें आपको कैटेगरी के हिसाब से खर्च की जानकारी मिलेगी।

एपल आर्केड

कंपनी ने वीडियो गेमिंग बंडल एपल आर्केड को भी पेश किया है। इसके लिए यूजर्स को केवल एक सब्सक्रिप्शन के जरिए 100 से ज्यादा वीडियो गेम्स का एक्सेस मिलेगा। यूजर्स इन सभी गेम का आनंद एपल के डिवाइस पर ले सकेंगे। इसमें लगातार नए गेम जोड़े जाएंगे। खास बात यह है कि यूजर्स वीडियो गेम्स का आनंद ऑनलाइन भी ले सकेंगे। इसके लिए यूजर्स को अपने एपल आर्केड में गेम को डाउनलोड करना होगा। इसमें कोनामी कार्टून नेटवर्क, सेगा और लिगो जैसी कंपनियों के नए गेम्स उपलब्ध होंगे।
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Saturday, April 13, 2019

What is mean by Camtono ?

April 13, 2019 0

Hello friends, welcome back to another blog & today we're going to understand the meaning of Camtono.

Camtono means ''ice cream'' .

“Camtono” is the new word for “ice cream”, thanks to a baby girl named Delta who couldn’t possibly pronounce the words “ice cream” together, instead saying “camtono” each time she refers to ice cream.


Example :

“it’s so hot we should get some camtono”


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Thursday, April 11, 2019

न करें ये गलतियां ,हो सकती है दुर्घटना

April 11, 2019 0

https://tech1suraj.blogspot.com/2019/04/blog-post_17.html

ऑटो टेक ( Auto Tech )

कार और बाइक चलाते समय लोग अक्सर सुरक्षा के नियमों का ध्यान रखते हैं, लेकिन कई बार ऐसा भी होता है कि बहुत छोटी छोटी चीजों पर लोगों का या तो ध्यान नहीं जाता है या फिर उसे वे इग्नोर कर देते हैं। यही छोटी-छोटी गलतियां कई बार कार या बाइक चलाते समय भारी पड़ सकती है... 

स्टीयरिंग व्हील:  

समय का अभाव कहेंफिर चीजों को टालते रहने की आदत । कई बार लोग कार की स्टीयरिंग व्हील पर पुराना या घिसा हुआ कवर ही इस्तेमाल करते रहते हैं। पुराने या घिसे हुए कवर की वजह से कार का स्टीयरिंग स्लिप हो सकता है, जिससे दुर्घटना होने की आशंका रहती है। इसलिए हमेशा ध्यान रहे कि अच्छी क्वालिटी का और फिट स्टीयरिंग कवर ही इस्तेमाल करें। 

पानी की बोतल:

कई बार कार के कप होल्डर में पानी या फिर कोल्ड ड्रिंक की भरी बोतल या टेनिस बॉल जैसी लुढ़कने वाली चीजें रख लेते हैं। लेकिन इस तरह की चीज जानलेवा साबित हो सकती है। कार चलाते वक्त अगर ये चीजें केबिन के फ्लोर में ड्राइवर सीट के पास गिर गईं तो फिर हादसे का शिकार भी हो सकते हैं। ये चीजें लुढ़कते हुए ब्रेक पैडल के बीच आ सकती हैं, जिससे अचानक ब्रेक लगाने में दिक्कत हो सकती है। इसलिए इन चीजों को कार में हमेशा ऐसी जगह रखें, जहां से निकलकर इनके ड्राइवर के पास गिरने का संदेश न रहे। 

ढीला फ्लोर मैट: 

ढीला फ्लोर मैट भी खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसा होने पर यह ड्राइवर के पैरों से लगातार खिसकता रहता है और कार चलाने के दौरान जब ड्राइवर क्लच या एक्सिलरेटर प्रेस करता है, तो पेडल के बीच में फ्लोरमैट आ जाता है और इससे एक्सीडेंट हो सकता है। इसलिए कार में हमेशा फिटिंग वाले फ्लोर मैट का ही इस्तेमाल करना चाहिए। 

चप्पल पहनकर न करें ड्राइविंग, हो सकता है खतरनाक 

बाइक राइड करनी हो या कार ड्राइव करना हो, दोनों ही चप्पल पहनकर चलाना खतरनाक होता है कार चलाने के दौरान चप्पल पैरों से स्लिप हो सकती है और इसकी पट्टियां ब्रेक या अन्य । कंट्रोलिंग पेडल्स के बीच में भी  फंस सकती हैं। ऐसा होने पर आप दुर्घटना के शिकार हो सकते हैं। इसलिए ड्राइविंग के दौरान हमेशा फिटिंग वाले जूते ही पहनें । हां, अगर कभी कोई इमरजेंसी है तो कार आप बिना चप्पल के नंगे पैर ड्राइव कर सकते हैं।
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दुनिया के लोगों ने देखी ब्लैक होल की पहली तस्वीर

April 11, 2019 1


वैज्ञानिकों ने जारी की धरती से 95 लाख करोड़ किमी दूर स्थित ब्लैक होल  तस्वीर, उप्लब्धि के गवाह बने दुनियाभर के लोग


https://tech1suraj.blogspot.com/2019/04/blog-post.html

वाशिंगटन, रायटर/प्रेरक :एस्ट्रोफिजिक्स (खगोल-भौतिकी) के क्षेत्र में बुधवार ऐतिहासिक उपलब्धि का दिन रहा।दुनिया ने पहली बार एक ब्लैक होल की तस्वीर देखी। वैज्ञानिकों ने एक साथ वाशिंगटन, ब्रसेल्स, सैंटियागो, शंघाई, टाइप और टोक्यो में इस तस्वीर को जारी किया। तस्वीर टेलीस्कोप के एक ग्लोबल नाटक की मदद से खींची गई है।

यह ब्लैक होल धरती से 5.4 करोड़ प्रकाश वर्ष (करीब 9.5 लाख करोड़ किलोमीटर) दूर एम-87 गैलेक्सी क स्थित है। यह उपलब्धि ऐसी ही है, जैसे धरती पर रहकर चांद पर रखे किसी छर्रे की तस्वीर खींचना। 


यह उपलब्धि 2012 में शुरू हुए इवेंट होराइजन टेलिस्कोप (ईएचटी) शोध का नतीजा है। अंतरराष्ट्रीय गठजोड़ के रूप में शुरू किए गए इस शोध का उद्देश्य विभिन्न ब्लैक होल की नजदीक से जानकारी जुटाना है। वैज्ञानिकों को इस अध्ययन से जो जानकारी मिली है, उससे 1915 में अल्बर्ट आइंस्टीन द्वारा दिया गया सापेक्षता का सिद्धांत (थ्योरी ऑफ रिलेटिविटी) और शेपर्ड डोलमैन ने कहा, 'हमने वह हसि आता पुष्ट हुआ है। इस उपलब्धि पर वैज्ञानिक कर लिया है, जिसे कुछ पीढ़ी असंभव माना जाता था। लोगों ने इस मौके पर महान वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग को भी याद किया। हॉकिंग ने ब्लैक होल पर व्यापक अध्ययन किया था 1


दो ब्लैक होल के जुटाए डाटा ‌‌: वैज्ञानिकों ने एम-87 गैलेक्सी में स्थित ब्लैक होल की तस्वीर जारी की है, जो
धरती से 5.4 करोड़ प्रकाश वर्ष दूर है। इसका द्रव्यमान सूर्य से 6.5 अरब गुना है। इसके अलावा वैज्ञानिकों ने हमारी आकाशगंगा के मध्य में स्थित एक ब्लैक होल सगिट्टेरियस-का डाटा भी जुटाया है। सगिट्टेरियस-ए धरती से 26,000 प्रकाश वर्ष दूर है। इसका द्रव्यमान सूर्य से करीब 40लाख गुना है।


कैसे ली गई तस्वीर?

असल में किसी भी ब्लैक होल की तस्वीर लेना असंभव है। ब्लैक होल ऐसी संरचना है, जिससे प्रकाश भी वापस नहीं आता। ब्लैक होल की एक सीमा होती है, जिसमें पहुंचते ही कोई भी पिंड घूमते हुए धीरे-धीरे उसके केंद्र
में समा जाता है। ब्लैक होल में हर पल अनगिनत पिंड समा रहे होते हैं। इस प्रक्रिया में उसके चारों ओर प्रकाश
और तरंग का एक चक्र बन जाता है, जिससे छल्ले जैसी आकृति बनती है। वैज्ञानिकों ने ऐसी ही छल्ले की तस्वीर
खींची है।उन तरंगों के बीच दिख रहा काला हिस्सा ही ब्लैक होल है।



क्या होता है ब्लैक होल?

ब्लैक होल को अंतरिक्ष की सबसे रहस्यमयी संरचना कहा जाता है। इसका गुरुत्वाकर्षण इतना अधिक होता है कि इसके पास से गुजरने वाला कोई भी खगोलीय पिंड इसमें समाहित हो जाता है। इस ब्लैक होल इसीलिए कहते हैं, क्योंकि प्रकाश भी इसमें लुप्त हो जाताहै। माना जाता है कि कोई विशाल तारा अपने अंतिम समय में ब्लैक होल में तब्दील हो जाता है। वैज्ञानिक मानते हैं कि हर गैलेक्सी के मध्य में ब्लैक होल हैं। जो लगातार अपने आसपास के खगोलीय पिंडों, हों और छोटे ब्लैक होल को अपने अंदर समेटते हुए अपना आकार बड़ा करते जा रहे हैं।


टुकड़ों को जोड़कर बनी तस्वीर

ईएचटी प्रोजेक्ट के तहत कई रेडियो टेलीस्कोप एंटीना को इस तरह जोड़ा गया ताकि वह एक टेलीस्कोप की तरह काम करें। अप्रैल 2017 में हवाई, एरिजोना, स्पेन, मेक्सिको, चिली और अंटार्कटिका में स्थापित टेलीस्कोप की मदद से पहला डाटा मिला था। उसके बाद फ्रांस और ग्रीनलैंड के टेलीस्कोप भी इसका हिस्सा बन गए। खगोलविद माइकल ब्रिमर ने कहा, 'हमने कई रेडियो टेलीस्कोप से ली गई तस्वीरों को इस तरह जोड़ा, जैसे वह किसी बड़े शीशे का टुकड़ा हों।
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